CBSE / NCERT पाठ्यक्रम अनुरूप (कक्षा 9वीं, 10वीं व प्रतियोगी परीक्षाएँ)
पत्र-लेखन : औपचारिक एवं अनौपचारिक पत्र
मानक प्रारूप, महत्वपूर्ण नियम, 8 प्रामाणिक उदाहरण एवं स्व-मूल्यांकन अभ्यास
1 पत्र-लेखन का महत्त्व एवं आवश्यक विशेषताएँ
पत्र-लेखन मानव विचारों, भावनाओं, संवेदनाओं और आधिकारिक संवाद का एक अत्यंत सशक्त एवं स्थायी माध्यम है। आधुनिक डिजिटल युग में भी औपचारिक व अनौपचारिक संदर्भों में शुद्ध, सटीक और प्रभावशाली पत्र लिखना एक अनिवार्य भाषाई कौशल है।
एक आदर्श पत्र की 5 प्रमुख विशेषताएँ:
- 1. सरलता एवं सहजता: भाषा आडंबरहीन, स्पष्ट और स्वाभाविक होनी चाहिए। कठिन व क्लिष्ट शब्दों के प्रयोग से बचना चाहिए।
- 2. स्पष्टता: पत्र का मुख्य उद्देश्य पाठक को पहली बार में ही समझ आ जाना चाहिए। अस्पष्ट या द्विअर्थी वाक्यों से बचें।
- 3. संक्षिप्तता एवं पूर्णता: पत्र में अनावश्यक विस्तार न हो, किंतु आवश्यक कोई भी तथ्य छूटना नहीं चाहिए। गागर में सागर भरने की कला अपनाएँ।
- 4. शिष्टाचार व विनम्रता: चाहे पत्र शिकायती हो या व्यक्तिगत, शब्दों का चयन सदैव संयत, आदरसूचक और मर्यादित होना चाहिए।
- 5. प्रभावशीलता एवं स्वच्छता: पत्र का प्रारूप शुद्ध व सुव्यवस्थित हो तथा विराम चिह्नों का सटीक प्रयोग किया गया हो।
2 औपचारिक एवं अनौपचारिक पत्र में तुलनात्मक अंतर
| बिंदु / आधार | औपचारिक पत्र (Formal Letters) | अनौपचारिक पत्र (Informal Letters) |
|---|---|---|
| प्राप्तकर्ता | प्रधानाचार्य, सरकारी अधिकारी, संपादक, व्यापारी आदि (जिनसे निजी संबंध न हो)। | माता-पिता, सगे-संबंधी, भाई-बहन, मित्र एवं परिचित। |
| 'विषय' (Subject) | अनिवार्य: एक ही पंक्ति में संक्षिप्त विषय लिखना आवश्यक है। | निषेध: विषय का उल्लेख नहीं किया जाता। |
| भाषा व शैली | गंभीर, तर्कपूर्ण, शिष्ट, नपी-तुली एवं औपचारिक। | आत्मीय, भावुक, सरल, सहज एवं हृदयस्पर्शी। |
| कुशल-क्षेम | व्यक्तिगत हालचाल या कुशल-क्षेम नहीं लिखा जाता। | सर्वप्रथम कुशल-क्षेम एवं परिजनों का हालचाल पूछा/बताया जाता है। |
| स्वनिर्देश / समापन | भवदीय/भवदीया, आज्ञाकारी शिष्य/शिष्या, प्रार्थी, निवेदक आदि। | आपका आज्ञाकारी पुत्र, तुम्हारी सखी, तुम्हारा अग्रज आदि। |
3 मानक प्रारूप (Standard Formats - CBSE / NCERT अनुरूप)
*विशेष निर्देश: आधुनिक मानक के अनुसार पत्र के सभी मुख्य अंग बाईं ओर (Left-Aligned) से ही लिखे जाते हैं।
(क) औपचारिक पत्र का मानक प्रारूप
[1] प्रेषक का पता (उदा. परीक्षा भवन, क.ख.ग. केंद्र / आवासीय पता)
[2] दिनांक (उदा. 15 मार्च 2026)
[3] सेवा में,
[4] पदनाम एवं कार्यालय का पता (उदा. प्रधानाचार्य महोदय / स्वास्थ्य अधिकारी...)
[5] विषय: ________________ (संक्षिप्त, स्पष्ट व रेखांकित)
[6] महोदय / महोदया,
[7] विषय-विस्तार (तीन अनुच्छेदों में):
• प्रथम अनुच्छेद: पत्र लिखने का कारण व मुख्य समस्या का परिचय।
• द्वितीय अनुच्छेद: समस्या/मुद्दे का विस्तृत विवरण व उससे उत्पन्न कठिनाइयाँ।
• तृतीय अनुच्छेद: समाधान हेतु निवेदन, अपेक्षा अथवा आभार प्रकट करना।
• प्रथम अनुच्छेद: पत्र लिखने का कारण व मुख्य समस्या का परिचय।
• द्वितीय अनुच्छेद: समस्या/मुद्दे का विस्तृत विवरण व उससे उत्पन्न कठिनाइयाँ।
• तृतीय अनुच्छेद: समाधान हेतु निवेदन, अपेक्षा अथवा आभार प्रकट करना।
सधन्यवाद / धन्यवाद सहित,
[8] स्वनिर्देश: भवदीय / भवदीया / विनीत / प्रार्थी
[9] प्रेषक के हस्ताक्षर एवं नाम: क.ख.ग. (परीक्षा में नाम न लिखें)
(ख) अनौपचारिक पत्र का मानक प्रारूप
[1] प्रेषक का पता (उदा. छात्रावास, नवोदय विद्यालय / परीक्षा भवन)
[2] दिनांक (उदा. 15 मार्च 2026)
[3] संबोधन (उदा. पूज्य पिताजी / प्रिय मित्र रोहन / स्नेहमयी माताजी)
[4] अभिवादन (उदा. सादर चरण स्पर्श / सप्रेम नमस्ते / मधुर स्नेह)
[5] विषय-विस्तार (तीन अनुच्छेदों में):
• प्रारंभ: अपनी कुशलता की सूचना व प्राप्तकर्ता की कुशल-क्षेम पूछना।
• मध्य भाग: पत्र का मुख्य संदेश, घटना, सलाह या आमंत्रण।
• समापन: परिवार के बड़ों को प्रणाम, छोटों को स्नेह व उत्तर की प्रतीक्षा।
• प्रारंभ: अपनी कुशलता की सूचना व प्राप्तकर्ता की कुशल-क्षेम पूछना।
• मध्य भाग: पत्र का मुख्य संदेश, घटना, सलाह या आमंत्रण।
• समापन: परिवार के बड़ों को प्रणाम, छोटों को स्नेह व उत्तर की प्रतीक्षा।
[6] स्वनिर्देश: आपका आज्ञाकारी पुत्र / तुम्हारा अभिन्न मित्र / तुम्हारी दीदी
[7] प्रेषक का नाम: क.ख.ग. / नाम
4 संबोधन, अभिवादन एवं स्वनिर्देश तालिका (Ready Reference Cheatsheet)
| पत्र का प्रकार / संबंध | संबोधन (Salutation) | अभिवादन (Greetings) | स्वनिर्देश (Subscription) |
|---|---|---|---|
| प्रधानाचार्य / शिक्षक | आदरणीय महोदय / महोदया | (लागू नहीं होता) | आपका आज्ञाकारी शिष्य / शिष्या |
| संपादक / अधिकारी गण | महोदय / मान्यवर | (लागू नहीं होता) | भवदीय / भवदीया / प्रार्थी / निवेदक |
| पूज्य बड़े (माता, पिता, गुरु) | पूज्य पिताजी / आदरणीय माताजी | सादर चरण स्पर्श / सादर प्रणाम | आपका कृपाकांक्षी / स्नेहाकांक्षी पुत्र |
| समान आयु (मित्र, सहपाठी) | प्रिय मित्र [नाम] / प्रिय सखी | सप्रेम नमस्ते / सप्रेम नमस्कार | तुम्हारा अभिन्न मित्र / तुम्हारी सखी |
| छोटे (अनुज, अनुजा, पुत्र) | प्रिय अनुज [नाम] / चिरंजीव [नाम] | सदा सुखी रहो / मधुर प्यार / शुभाशीष | तुम्हारा शुभचिंतक / तुम्हारा अग्रज |
5 प्रामाणिक एवं परीक्षोपयोगी उदाहरण (8 Sample Letters)
भाग 'क': औपचारिक पत्र (Formal Letters)
उदाहरण 1: शुल्क मुक्ति (फीस माफ़ी) हेतु प्रधानाचार्य को प्रार्थना-पत्र
परीक्षा भवन,
नई दिल्ली।
दिनांक: 15 मार्च 2026
सेवा में,
प्रधानाचार्य महोदय,
राजकीय उ. मा. बाल विद्यालय,
न्यू अशोक नगर, दिल्ली।
विषय: विद्यालय शुल्क मुक्ति हेतु प्रार्थना-पत्र।
महोदय,
सविनय निवेदन यह है कि मैं आपके विद्यालय की कक्षा दसवीं 'अ' का एक मेधावी छात्र हूँ। मैंने गत वर्ष कक्षा नौवीं की परीक्षा 92% अंकों के साथ अपनी कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करके उत्तीर्ण की थी। इसके अतिरिक्त मैं विद्यालय की वाद-विवाद प्रतियोगिता टीम का सक्रिय सदस्य भी हूँ।
मेरे पिताजी एक स्थानीय निजी प्रतिष्ठान में अल्पवेतनभोगी कर्मचारी हैं। पिछले कुछ माह से उनके अस्वस्थ रहने के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है। घर में चार भाई-बहनों की पढ़ाई एवं दैनिक खर्चों का निर्वाह करना पिताजी के लिए अत्यंत कठिन हो रहा है। ऐसी विषम परिस्थिति में वे मेरा विद्यालय शुल्क वहन करने में पूर्णतः असमर्थ हैं।
अतः आपसे करबद्ध प्रार्थना है कि मेरी पारिवारिक आर्थिक स्थिति एवं शैक्षणिक प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए मुझे पूर्ण शुल्क मुक्ति प्रदान करने की कृपा करें, जिससे मैं अपनी पढ़ाई अनवरत जारी रख सकूँ। मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि भविष्य में भी उत्कृष्ट परिणाम लाकर विद्यालय का गौरव बढ़ाऊँगा।
सधन्यवाद।
आपका आज्ञाकारी शिष्य,
क.ख.ग.
कक्षा: दसवीं 'अ'
अनुक्रमांक: 24
नई दिल्ली।
दिनांक: 15 मार्च 2026
सेवा में,
प्रधानाचार्य महोदय,
राजकीय उ. मा. बाल विद्यालय,
न्यू अशोक नगर, दिल्ली।
विषय: विद्यालय शुल्क मुक्ति हेतु प्रार्थना-पत्र।
महोदय,
सविनय निवेदन यह है कि मैं आपके विद्यालय की कक्षा दसवीं 'अ' का एक मेधावी छात्र हूँ। मैंने गत वर्ष कक्षा नौवीं की परीक्षा 92% अंकों के साथ अपनी कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करके उत्तीर्ण की थी। इसके अतिरिक्त मैं विद्यालय की वाद-विवाद प्रतियोगिता टीम का सक्रिय सदस्य भी हूँ।
मेरे पिताजी एक स्थानीय निजी प्रतिष्ठान में अल्पवेतनभोगी कर्मचारी हैं। पिछले कुछ माह से उनके अस्वस्थ रहने के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है। घर में चार भाई-बहनों की पढ़ाई एवं दैनिक खर्चों का निर्वाह करना पिताजी के लिए अत्यंत कठिन हो रहा है। ऐसी विषम परिस्थिति में वे मेरा विद्यालय शुल्क वहन करने में पूर्णतः असमर्थ हैं।
अतः आपसे करबद्ध प्रार्थना है कि मेरी पारिवारिक आर्थिक स्थिति एवं शैक्षणिक प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए मुझे पूर्ण शुल्क मुक्ति प्रदान करने की कृपा करें, जिससे मैं अपनी पढ़ाई अनवरत जारी रख सकूँ। मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि भविष्य में भी उत्कृष्ट परिणाम लाकर विद्यालय का गौरव बढ़ाऊँगा।
सधन्यवाद।
आपका आज्ञाकारी शिष्य,
क.ख.ग.
कक्षा: दसवीं 'अ'
अनुक्रमांक: 24
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• प्रारूप (Format - 1 अंक): प्रेषक पता, दिनांक, पदनाम, विषय, स्वनिर्देश सही स्थान पर।
• विषय-वस्तु (Content - 3 अंक): प्रथम अनुच्छेद में परिचय व उपलब्धि, द्वितीय में वास्तविक आर्थिक विवशता, तृतीय में शुल्क मुक्ति की स्पष्ट याचना।
• भाषा व प्रस्तुति (Expression - 1 अंक): शिष्ट, अत्यंत विनम्र और व्याकरण सम्मत भाषा।
• विषय-वस्तु (Content - 3 अंक): प्रथम अनुच्छेद में परिचय व उपलब्धि, द्वितीय में वास्तविक आर्थिक विवशता, तृतीय में शुल्क मुक्ति की स्पष्ट याचना।
• भाषा व प्रस्तुति (Expression - 1 अंक): शिष्ट, अत्यंत विनम्र और व्याकरण सम्मत भाषा।
उदाहरण 2: क्षेत्र में जल-भराव व गंदगी की समस्या हेतु नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी को शिकायती पत्र
मकान संख्या D-295
न्यू अशोक नगर, दिल्ली।
दिनांक: 18 जुलाई 2026
सेवा में,
मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी,
दिल्ली नगर निगम, पूर्वी दिल्ली।
विषय: विकास नगर में जल-भराव एवं गंदगी की गंभीर समस्या के निराकरण हेतु।
महोदय,
मैं आपका ध्यान हमारे आवासीय क्षेत्र 'न्यू अशोक नगर' (वार्ड नं. 52) में उत्पन्न जल-भराव एवं गंदगी की विकट समस्या की ओर आकृष्ट कराना चाहता हूँ।
विगत तीन सप्ताह से हो रही वर्षा के कारण क्षेत्र की नालियाँ पूरी तरह अवरुद्ध हो चुकी हैं। नालियों का गंदा व बदबूदार पानी मुख्य मार्ग और गलियों में जमा हो गया है। जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं, जिनकी कई दिनों से सफाई नहीं की गई है। सड़े हुए पानी और कचरे के कारण भीषण दुर्गंध फैल रही है तथा मच्छरों व मक्खियों का प्रकोप अत्यधिक बढ़ गया है। इस कारण क्षेत्रवासियों में डेंगू, मलेरिया एवं हैजा जैसी जानलेवा बीमारियाँ फैलने की प्रबल आशंका उत्पन्न हो गई है। स्कूली बच्चों एवं बुजुर्गों का घर से निकलना दूभर हो गया है।
अतः आपसे सादर अनुरोध है कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संबंधित सफाई कर्मचारियों को तत्काल नालियों की सफाई, जल निकासी तथा कीटनाशक दवाओं व डीडीटी के छिड़काव का निर्देश दें, ताकि नागरिकों को इस नारकीय स्थिति से मुक्ति मिल सके।
सधन्यवाद।
भवदीय,
क.ख.ग.
न्यू अशोक नगर, दिल्ली।
दिनांक: 18 जुलाई 2026
सेवा में,
मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी,
दिल्ली नगर निगम, पूर्वी दिल्ली।
विषय: विकास नगर में जल-भराव एवं गंदगी की गंभीर समस्या के निराकरण हेतु।
महोदय,
मैं आपका ध्यान हमारे आवासीय क्षेत्र 'न्यू अशोक नगर' (वार्ड नं. 52) में उत्पन्न जल-भराव एवं गंदगी की विकट समस्या की ओर आकृष्ट कराना चाहता हूँ।
विगत तीन सप्ताह से हो रही वर्षा के कारण क्षेत्र की नालियाँ पूरी तरह अवरुद्ध हो चुकी हैं। नालियों का गंदा व बदबूदार पानी मुख्य मार्ग और गलियों में जमा हो गया है। जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं, जिनकी कई दिनों से सफाई नहीं की गई है। सड़े हुए पानी और कचरे के कारण भीषण दुर्गंध फैल रही है तथा मच्छरों व मक्खियों का प्रकोप अत्यधिक बढ़ गया है। इस कारण क्षेत्रवासियों में डेंगू, मलेरिया एवं हैजा जैसी जानलेवा बीमारियाँ फैलने की प्रबल आशंका उत्पन्न हो गई है। स्कूली बच्चों एवं बुजुर्गों का घर से निकलना दूभर हो गया है।
अतः आपसे सादर अनुरोध है कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संबंधित सफाई कर्मचारियों को तत्काल नालियों की सफाई, जल निकासी तथा कीटनाशक दवाओं व डीडीटी के छिड़काव का निर्देश दें, ताकि नागरिकों को इस नारकीय स्थिति से मुक्ति मिल सके।
सधन्यवाद।
भवदीय,
क.ख.ग.
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• प्रारूप (Format - 1 अंक): शिकायती पत्र का सटीक आधिकारिक ढाँचा।
• विषय-वस्तु (Content - 3 अंक): समस्या की तात्कालिकता, जनजीवन पर असर और स्वास्थ्य संकट का स्पष्ट उल्लेख।
• समाधान सुझाव: केवल शिकायत नहीं, अपितु कीटनाशक छिड़काव व त्वरित सफाई का सकारात्मक सुझाव।
• विषय-वस्तु (Content - 3 अंक): समस्या की तात्कालिकता, जनजीवन पर असर और स्वास्थ्य संकट का स्पष्ट उल्लेख।
• समाधान सुझाव: केवल शिकायत नहीं, अपितु कीटनाशक छिड़काव व त्वरित सफाई का सकारात्मक सुझाव।
उदाहरण 3: साइबर सुरक्षा एवं ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति जागरूकता हेतु संपादक को पत्र
परीक्षा भवन,
नई दिल्ली।
दिनांक: 22 अगस्त 2026
सेवा में,
मुख्य संपादक महोदय,
दैनिक जागरण,
बहादुर शाह ज़फ़र मार्ग, नई दिल्ली।
विषय: बढ़ते साइबर अपराधों एवं ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के संदर्भ में।
महोदय,
मैं आपके प्रतिष्ठित एवं लोकप्रिय दैनिक समाचार-पत्र के 'पाठक मंच' स्तंभ के माध्यम से देश के आम नागरिकों और नीति-निर्माताओं का ध्यान दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे साइबर अपराधों की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ।
वर्तमान डिजिटल युग में जहाँ डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन लेन-देन ने हमारे जीवन को सुगम बनाया है, वहीं साइबर अपराधियों के नए-नए हथकंडों ने आम जनता की गाढ़ी कमाई को असुरक्षित कर दिया है। फर्जी लिंक, बैंक लॉटरी के झांसे, यूपीआई पिन मांगने तथा डिजिटल अरेस्ट जैसी भ्रामक धमकियों के माध्यम से प्रतिदिन सैकड़ों निर्दोष नागरिक अपनी पूंजी गंवा रहे हैं। विशेषकर वरिष्ठ नागरिक और ग्रामीण क्षेत्र के लोग तकनीकी समझ के अभाव में इन शातिर ठगों का आसान शिकार बन रहे हैं।
यद्यपि सरकार और साइबर सेल प्रयासरत हैं, तथापि जन-जागरूकता ही इस अपराध से बचने का सबसे अचूक कवच है। नागरिकों को जागरूक होना होगा कि कभी भी ओटीपी, बैंक पासवर्ड या संदिग्ध लिंक साझा न करें। आशा है कि आप अपने सम्मानित पत्र में इस विषय पर विशेष संपादकीय आलेख व जागरूकता सामग्री प्रकाशित कर जन-कल्याण में सहयोग करेंगे।
सधन्यवाद।
भवदीय,
क.ख.ग.
एक जागरूक नागरिक
नई दिल्ली।
दिनांक: 22 अगस्त 2026
सेवा में,
मुख्य संपादक महोदय,
दैनिक जागरण,
बहादुर शाह ज़फ़र मार्ग, नई दिल्ली।
विषय: बढ़ते साइबर अपराधों एवं ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के संदर्भ में।
महोदय,
मैं आपके प्रतिष्ठित एवं लोकप्रिय दैनिक समाचार-पत्र के 'पाठक मंच' स्तंभ के माध्यम से देश के आम नागरिकों और नीति-निर्माताओं का ध्यान दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे साइबर अपराधों की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ।
वर्तमान डिजिटल युग में जहाँ डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन लेन-देन ने हमारे जीवन को सुगम बनाया है, वहीं साइबर अपराधियों के नए-नए हथकंडों ने आम जनता की गाढ़ी कमाई को असुरक्षित कर दिया है। फर्जी लिंक, बैंक लॉटरी के झांसे, यूपीआई पिन मांगने तथा डिजिटल अरेस्ट जैसी भ्रामक धमकियों के माध्यम से प्रतिदिन सैकड़ों निर्दोष नागरिक अपनी पूंजी गंवा रहे हैं। विशेषकर वरिष्ठ नागरिक और ग्रामीण क्षेत्र के लोग तकनीकी समझ के अभाव में इन शातिर ठगों का आसान शिकार बन रहे हैं।
यद्यपि सरकार और साइबर सेल प्रयासरत हैं, तथापि जन-जागरूकता ही इस अपराध से बचने का सबसे अचूक कवच है। नागरिकों को जागरूक होना होगा कि कभी भी ओटीपी, बैंक पासवर्ड या संदिग्ध लिंक साझा न करें। आशा है कि आप अपने सम्मानित पत्र में इस विषय पर विशेष संपादकीय आलेख व जागरूकता सामग्री प्रकाशित कर जन-कल्याण में सहयोग करेंगे।
सधन्यवाद।
भवदीय,
क.ख.ग.
एक जागरूक नागरिक
क्लिक करके अंक-योजना व प्रारूप विश्लेषण देखें
• संपादक पत्र का नियम: संपादक स्वयं समस्या हल नहीं करता, बल्कि विचार प्रकाशित करता है। पत्र में इसका ध्यान रखा गया है ("स्तंभ के माध्यम से...")।
• समसामयिक विषय: डिजिटल धोखाधड़ी पर ठोस शब्दावली और व्यावहारिक बचाव के उपाय।
• समसामयिक विषय: डिजिटल धोखाधड़ी पर ठोस शब्दावली और व्यावहारिक बचाव के उपाय।
उदाहरण 4: विद्यालय पुस्तकालय हेतु पुस्तकें मंगवाने के लिए पुस्तक-विक्रेता को व्यावसायिक पत्र
पुस्तकालय विभाग,
सर्वोदय विद्यालय, सेक्टर-62, नोएडा।
दिनांक: 10 सितंबर 2026
सेवा में,
व्यवस्थापक महोदय,
राजकमल प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड,
दरियागंज, नई दिल्ली।
विषय: विद्यालय पुस्तकालय हेतु हिंदी साहित्य की पुस्तकें क्रय करने के संबंध में।
महोदय,
हमारे विद्यालय के पुस्तकालय हेतु कुछ प्रमुख हिंदी साहित्यिक पुस्तकों की तात्कालिक आवश्यकता है। आपके द्वारा पूर्व में प्रेषित नवीनतम सूचीपत्र (कैटलॉग) एवं निर्धारित छूट दरों (20% संस्थागत छूट) के आधार पर हम निम्नलिखित पुस्तकें क्रय करना चाहते हैं:
सधन्यवाद।
भवदीय,
क.ख.ग.
पुस्तकालयाध्यक्ष (लाइब्रेरियन)
सर्वोदय विद्यालय, सेक्टर-62, नोएडा।
दिनांक: 10 सितंबर 2026
सेवा में,
व्यवस्थापक महोदय,
राजकमल प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड,
दरियागंज, नई दिल्ली।
विषय: विद्यालय पुस्तकालय हेतु हिंदी साहित्य की पुस्तकें क्रय करने के संबंध में।
महोदय,
हमारे विद्यालय के पुस्तकालय हेतु कुछ प्रमुख हिंदी साहित्यिक पुस्तकों की तात्कालिक आवश्यकता है। आपके द्वारा पूर्व में प्रेषित नवीनतम सूचीपत्र (कैटलॉग) एवं निर्धारित छूट दरों (20% संस्थागत छूट) के आधार पर हम निम्नलिखित पुस्तकें क्रय करना चाहते हैं:
1. गोदान (मुंशी प्रेमचंद) - 5 प्रतियाँ
2. कामायनी (जयशंकर प्रसाद) - 3 प्रतियाँ
3. हिंदी साहित्य का इतिहास (आचार्य रामचंद्र शुक्ल) - 4 प्रतियाँ
4. रश्मिरथी (रामधारी सिंह 'दिनकर') - 5 प्रतियाँ
5. मानक हिंदी व्याकरण एवं रचना - 10 प्रतियाँ
कृपया सभी पुस्तकें नवीन संस्करण की हों तथा जिल्दबंदी मजबूत हो। कटी-फटी या दोषपूर्ण प्रतियाँ स्वीकार नहीं की जाएँगी। कृपया उपरोक्त पुस्तकों का पार्सल उचित पैकिंग के साथ विद्यालय के पते पर यथाशीघ्र भिजवाने की व्यवस्था करें। बिल की मूल प्रति पार्सल के साथ संलग्न करें; सामान प्राप्त होने एवं सत्यापन के उपरांत बैंक ड्राफ्ट/ऑनलाइन माध्यम से तत्काल भुगतान कर दिया जाएगा।2. कामायनी (जयशंकर प्रसाद) - 3 प्रतियाँ
3. हिंदी साहित्य का इतिहास (आचार्य रामचंद्र शुक्ल) - 4 प्रतियाँ
4. रश्मिरथी (रामधारी सिंह 'दिनकर') - 5 प्रतियाँ
5. मानक हिंदी व्याकरण एवं रचना - 10 प्रतियाँ
सधन्यवाद।
भवदीय,
क.ख.ग.
पुस्तकालयाध्यक्ष (लाइब्रेरियन)
क्लिक करके अंक-योजना व प्रारूप विश्लेषण देखें
• व्यावसायिक पत्र का स्वरूप: क्रय की जाने वाली पुस्तकों की क्रमबद्ध सूची, प्रतियों की संख्या, छूट की शर्त और भुगतान की स्पष्ट प्रक्रिया दर्शाई गई है।
भाग 'ख': अनौपचारिक पत्र (Informal Letters)
उदाहरण 5: छोटे भाई को समय-प्रबंधन एवं एकाग्रता का महत्त्व समझाते हुए पत्र
कमरा नं. 12, टैगोर छात्रावास,
सेंट जेवियर्स स्कूल, जयपुर।
दिनांक: 05 अक्टूबर 2026
प्रिय अनुज रोहन,
सदा सुखी रहो एवं शुभाशीष!
कल ही मुझे पिताजी का पत्र प्राप्त हुआ, जिससे ज्ञात हुआ कि तुम्हारी अर्धवार्षिक परीक्षा के अंक संतोषजनक नहीं रहे हैं। पिताजी ने यह भी लिखा कि तुम्हारा अधिकांश समय मोबाइल गेम्स और सोशल मीडिया में व्यर्थ नष्ट हो रहा है। यह जानकर मुझे अत्यंत चिंता हुई।
अनुज, तुम जानते हो कि समय की गति अत्यंत तीव्र और अबाध है। बीता हुआ एक भी क्षण करोड़ों रुपए देकर भी वापस नहीं लाया जा सकता। दसवीं कक्षा तुम्हारे शैक्षणिक जीवन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पड़ाव है। इस समय यदि तुमने अनुशासन और समय-प्रबंधन की उपेक्षा की, तो भविष्य में केवल पश्चाताप ही शेष रहेगा। प्रतिदिन एक निश्चित समय-सारिणी (टाइम-टेबल) बनाओ और उसका निष्ठापूर्वक पालन करो। प्रतिदिन पढ़ाई के साथ स्वास्थ्य के लिए एक घंटा खेलकूद भी आवश्यक है, किंतु निरर्थक स्क्रीन-टाइम से तुरंत दूरी बना लो।
मुझे तुम्हारी प्रतिभा और क्षमता पर पूरा विश्वास है। मुझे आशा ही नहीं वरन पूर्ण विश्वास है कि तुम मेरी इस सीख को गंभीरता से लोगे और आगामी वार्षिक परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करके हम सभी का मस्तक गर्व से ऊँचा करोगे।
माताजी एवं पिताजी को मेरा सादर चरण स्पर्श कहना और अपना पूरा ध्यान रखना। पत्रोत्तर की प्रतीक्षा में।
तुम्हारा अग्रज,
क.ख.ग.
सेंट जेवियर्स स्कूल, जयपुर।
दिनांक: 05 अक्टूबर 2026
प्रिय अनुज रोहन,
सदा सुखी रहो एवं शुभाशीष!
कल ही मुझे पिताजी का पत्र प्राप्त हुआ, जिससे ज्ञात हुआ कि तुम्हारी अर्धवार्षिक परीक्षा के अंक संतोषजनक नहीं रहे हैं। पिताजी ने यह भी लिखा कि तुम्हारा अधिकांश समय मोबाइल गेम्स और सोशल मीडिया में व्यर्थ नष्ट हो रहा है। यह जानकर मुझे अत्यंत चिंता हुई।
अनुज, तुम जानते हो कि समय की गति अत्यंत तीव्र और अबाध है। बीता हुआ एक भी क्षण करोड़ों रुपए देकर भी वापस नहीं लाया जा सकता। दसवीं कक्षा तुम्हारे शैक्षणिक जीवन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पड़ाव है। इस समय यदि तुमने अनुशासन और समय-प्रबंधन की उपेक्षा की, तो भविष्य में केवल पश्चाताप ही शेष रहेगा। प्रतिदिन एक निश्चित समय-सारिणी (टाइम-टेबल) बनाओ और उसका निष्ठापूर्वक पालन करो। प्रतिदिन पढ़ाई के साथ स्वास्थ्य के लिए एक घंटा खेलकूद भी आवश्यक है, किंतु निरर्थक स्क्रीन-टाइम से तुरंत दूरी बना लो।
मुझे तुम्हारी प्रतिभा और क्षमता पर पूरा विश्वास है। मुझे आशा ही नहीं वरन पूर्ण विश्वास है कि तुम मेरी इस सीख को गंभीरता से लोगे और आगामी वार्षिक परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करके हम सभी का मस्तक गर्व से ऊँचा करोगे।
माताजी एवं पिताजी को मेरा सादर चरण स्पर्श कहना और अपना पूरा ध्यान रखना। पत्रोत्तर की प्रतीक्षा में।
तुम्हारा अग्रज,
क.ख.ग.
क्लिक करके अंक-योजना व प्रारूप विश्लेषण देखें
• संबोधन व अभिवादन: छोटे भाई के लिए 'प्रिय अनुज' और 'शुभाशीष' का सटीक प्रयोग।
• आत्मीयता: डांटने के बजाय बड़े भाई का स्नेह, प्रेरणा और व्यावहारिक सुझाव।
• आत्मीयता: डांटने के बजाय बड़े भाई का स्नेह, प्रेरणा और व्यावहारिक सुझाव।
उदाहरण 6: मित्र को राज्य-स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर बधाई पत्र
परीक्षा भवन,
नई दिल्ली।
दिनांक: 12 नवंबर 2026
प्रिय मित्र आयुष,
सप्रेम नमस्ते!
आज प्रातःकाल के दैनिक समाचार-पत्र में तुम्हारा चित्र और राज्य-स्तरीय अंतर-विद्यालयी वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार जीतने का शुभ समाचार पढ़कर मेरा हृदय अत्यंत आनंद और गर्व से भर गया। इस अभूतपूर्व और शानदार सफलता पर मेरी ओर से हार्दिक बधाई स्वीकार करो!
मैं भली-भांति जानता हूँ कि इस प्रतियोगिता के लिए तुमने विगत कई सप्ताहों से दिन-रात एक कर दिया था। तुम्हारी वक्तृत्व कला, अकाट्य तर्क-क्षमता और आत्मविश्वास ने निर्णायक मंडल को मंत्रमुग्ध कर दिया। तुमने न केवल अपने विद्यालय का, बल्कि हम सभी मित्रों का मान बढ़ाया है। तुम्हारी यह विजय सिद्ध करती है कि सच्ची लगन और कठोर परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता।
ईश्वर से प्रार्थना है कि तुम भविष्य में भी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इसी प्रकार नित नई सफलताएँ अर्जित करो। इस हर्ष के अवसर पर हम सब मिलकर कब पार्टी कर रहे हैं? शीघ्र मिलना।
आदरणीय अंकल जी और आंटी जी को मेरा सादर प्रणाम कहना।
तुम्हारा अभिन्न मित्र,
क.ख.ग.
नई दिल्ली।
दिनांक: 12 नवंबर 2026
प्रिय मित्र आयुष,
सप्रेम नमस्ते!
आज प्रातःकाल के दैनिक समाचार-पत्र में तुम्हारा चित्र और राज्य-स्तरीय अंतर-विद्यालयी वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार जीतने का शुभ समाचार पढ़कर मेरा हृदय अत्यंत आनंद और गर्व से भर गया। इस अभूतपूर्व और शानदार सफलता पर मेरी ओर से हार्दिक बधाई स्वीकार करो!
मैं भली-भांति जानता हूँ कि इस प्रतियोगिता के लिए तुमने विगत कई सप्ताहों से दिन-रात एक कर दिया था। तुम्हारी वक्तृत्व कला, अकाट्य तर्क-क्षमता और आत्मविश्वास ने निर्णायक मंडल को मंत्रमुग्ध कर दिया। तुमने न केवल अपने विद्यालय का, बल्कि हम सभी मित्रों का मान बढ़ाया है। तुम्हारी यह विजय सिद्ध करती है कि सच्ची लगन और कठोर परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता।
ईश्वर से प्रार्थना है कि तुम भविष्य में भी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इसी प्रकार नित नई सफलताएँ अर्जित करो। इस हर्ष के अवसर पर हम सब मिलकर कब पार्टी कर रहे हैं? शीघ्र मिलना।
आदरणीय अंकल जी और आंटी जी को मेरा सादर प्रणाम कहना।
तुम्हारा अभिन्न मित्र,
क.ख.ग.
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• भावुकता व उत्साह: मित्र की सफलता पर स्वाभाविक उल्लास, आत्मीय भाषा और बधाई के उचित शब्द।
उदाहरण 7: पिताजी को छात्रावास से अतिरिक्त शुल्क एवं शैक्षिक भ्रमण हेतु राशि मँगवाने हेतु पत्र
कमरा नं. 08, गंगा छात्रावास,
जवाहर नवोदय विद्यालय, देहरादून।
दिनांक: 20 दिसंबर 2026
पूज्य पिताजी,
सादर चरण स्पर्श!
मैं यहाँ छात्रावास में पूर्णतः कुशलपूर्वक हूँ और आशा करता हूँ कि घर पर आप, पूज्य माताजी एवं छोटी बहन भी सकुशल और आनंद से होंगे। मेरी अर्धवार्षिक परीक्षाएँ बहुत अच्छी रही हैं और मैं अपने अध्ययन में पूरी निष्ठा से संलग्न हूँ।
यह पत्र मैं एक विशेष कारण से लिख रहा हूँ। हमारे विद्यालय के इतिहास एवं भूगोल विभाग द्वारा आगामी जनवरी माह में राजस्थान के ऐतिहासिक स्थलों (जयपुर, उदयपुर एवं चित्तौड़गढ़) के पाँच दिवसीय शैक्षिक भ्रमण (Educational Tour) का आयोजन किया जा रहा है। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐतिहासिक धरोहरों, स्थापत्य कला और भौगोलिक संरचना का प्रत्यक्ष ज्ञान कराना है। सभी विषय-अध्यापक भी साथ रहेंगे। इस यात्रा, आवास एवं भोजन हेतु प्रत्येक छात्र के लिए ₹3,500 का शुल्क निर्धारित किया गया है। साथ ही द्वितीय सत्र की कुछ संदर्भ पुस्तकें क्रय करने के लिए ₹1,500 की अतिरिक्त आवश्यकता है।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि कुल ₹5,000 (पाँच हज़ार रुपए मात्र) मेरे बैंक खाते में अथवा छात्रावास अधीक्षक के खाते में ऑनलाइन भिजवाने की कृपा करें, ताकि मैं समय पर अपना पंजीकरण करा सकूँ।
माताजी को चरण स्पर्श एवं छोटी गुड़िया को ढेर सारा प्यार।
आपका आज्ञाकारी पुत्र,
क.ख.ग.
जवाहर नवोदय विद्यालय, देहरादून।
दिनांक: 20 दिसंबर 2026
पूज्य पिताजी,
सादर चरण स्पर्श!
मैं यहाँ छात्रावास में पूर्णतः कुशलपूर्वक हूँ और आशा करता हूँ कि घर पर आप, पूज्य माताजी एवं छोटी बहन भी सकुशल और आनंद से होंगे। मेरी अर्धवार्षिक परीक्षाएँ बहुत अच्छी रही हैं और मैं अपने अध्ययन में पूरी निष्ठा से संलग्न हूँ।
यह पत्र मैं एक विशेष कारण से लिख रहा हूँ। हमारे विद्यालय के इतिहास एवं भूगोल विभाग द्वारा आगामी जनवरी माह में राजस्थान के ऐतिहासिक स्थलों (जयपुर, उदयपुर एवं चित्तौड़गढ़) के पाँच दिवसीय शैक्षिक भ्रमण (Educational Tour) का आयोजन किया जा रहा है। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐतिहासिक धरोहरों, स्थापत्य कला और भौगोलिक संरचना का प्रत्यक्ष ज्ञान कराना है। सभी विषय-अध्यापक भी साथ रहेंगे। इस यात्रा, आवास एवं भोजन हेतु प्रत्येक छात्र के लिए ₹3,500 का शुल्क निर्धारित किया गया है। साथ ही द्वितीय सत्र की कुछ संदर्भ पुस्तकें क्रय करने के लिए ₹1,500 की अतिरिक्त आवश्यकता है।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि कुल ₹5,000 (पाँच हज़ार रुपए मात्र) मेरे बैंक खाते में अथवा छात्रावास अधीक्षक के खाते में ऑनलाइन भिजवाने की कृपा करें, ताकि मैं समय पर अपना पंजीकरण करा सकूँ।
माताजी को चरण स्पर्श एवं छोटी गुड़िया को ढेर सारा प्यार।
आपका आज्ञाकारी पुत्र,
क.ख.ग.
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• औचित्यपूर्ण मांग: केवल पैसे नहीं मांगे गए, बल्कि शैक्षिक भ्रमण के लाभ और खर्च का पारदर्शी ब्योरा दिया गया है।
उदाहरण 8: मित्र को ग्रीष्मावकाश (गर्मियों की छुट्टियाँ) अपने गाँव में साथ बिताने हेतु निमंत्रण पत्र
ग्राम व पोस्ट - रामपुर,
जिला - अल्मोड़ा (उत्तराखंड)।
दिनांक: 10 अप्रैल 2026
प्रिय मित्र समीर,
सप्रेम नमस्कार!
यहाँ सब कुशल-मंगल है। आशा है कि तुम्हारी वार्षिक परीक्षाएँ बहुत अच्छी रही होंगी और अब तुम छुट्टियों की योजना बना रहे होगे।
मित्र, दिल्ली की भीषण गर्मी और भागदौड़ भरी जिंदगी से तुम भी ऊब चुके होगे। मैं इस पत्र के माध्यम से तुम्हें सहर्ष निमंत्रित कर रहा हूँ कि इस बार ग्रीष्मावकाश के कम से कम दस दिन तुम मेरे साथ हमारे पर्वतीय गाँव में बिताओ। यहाँ का मौसम इस समय अत्यंत सुहावना और शीतल रहता है। चारों ओर फैली हरी-भरी पहाड़ियाँ, चीड़ के घने वन, कल-कल बहते प्राकृतिक जलस्रोत और ताज़ी हवा मन को तरोताजा कर देती हैं। हम सब मिलकर बागों से ताज़े फल तोड़ेंगे, ट्रैकिंग करेंगे और गाँव के शांत वातावरण में सुकून के पल बिताएंगे। मेरी माँ तुम्हारे आने की बात सुनकर पहले से ही बहुत प्रसन्न हैं और तुम्हारे लिए विशेष पहाड़ी व्यंजन बनाने की तैयारी कर रही हैं।
अतः कोई बहाना नहीं चलेगा! अपने माता-पिता से अनुमति लेकर अपने आने का यात्रा-कार्यक्रम (ट्रेन टिकट) तुरंत मुझे सूचित करना, ताकि मैं तुम्हें स्टेशन लेने आ सकूँ।
चाचा जी और चाची जी को मेरा चरण स्पर्श कहना। तुम्हारे आगमन की प्रतीक्षा में।
तुम्हारा सच्चा मित्र,
क.ख.ग.
जिला - अल्मोड़ा (उत्तराखंड)।
दिनांक: 10 अप्रैल 2026
प्रिय मित्र समीर,
सप्रेम नमस्कार!
यहाँ सब कुशल-मंगल है। आशा है कि तुम्हारी वार्षिक परीक्षाएँ बहुत अच्छी रही होंगी और अब तुम छुट्टियों की योजना बना रहे होगे।
मित्र, दिल्ली की भीषण गर्मी और भागदौड़ भरी जिंदगी से तुम भी ऊब चुके होगे। मैं इस पत्र के माध्यम से तुम्हें सहर्ष निमंत्रित कर रहा हूँ कि इस बार ग्रीष्मावकाश के कम से कम दस दिन तुम मेरे साथ हमारे पर्वतीय गाँव में बिताओ। यहाँ का मौसम इस समय अत्यंत सुहावना और शीतल रहता है। चारों ओर फैली हरी-भरी पहाड़ियाँ, चीड़ के घने वन, कल-कल बहते प्राकृतिक जलस्रोत और ताज़ी हवा मन को तरोताजा कर देती हैं। हम सब मिलकर बागों से ताज़े फल तोड़ेंगे, ट्रैकिंग करेंगे और गाँव के शांत वातावरण में सुकून के पल बिताएंगे। मेरी माँ तुम्हारे आने की बात सुनकर पहले से ही बहुत प्रसन्न हैं और तुम्हारे लिए विशेष पहाड़ी व्यंजन बनाने की तैयारी कर रही हैं।
अतः कोई बहाना नहीं चलेगा! अपने माता-पिता से अनुमति लेकर अपने आने का यात्रा-कार्यक्रम (ट्रेन टिकट) तुरंत मुझे सूचित करना, ताकि मैं तुम्हें स्टेशन लेने आ सकूँ।
चाचा जी और चाची जी को मेरा चरण स्पर्श कहना। तुम्हारे आगमन की प्रतीक्षा में।
तुम्हारा सच्चा मित्र,
क.ख.ग.
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• प्रकृति व आत्मीयता का सुंदर संगम: निमंत्रण का सशक्त कारण, प्राकृतिक सौंदर्य का जीवंत चित्रण और अपनत्व भरा आग्रह।
6 परीक्षोपयोगी स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Self-Practice Questions)
विद्यार्थी पहले इन प्रश्नों का स्वयं प्रारूप बनाकर अभ्यास करें, फिर 'क्लिक करके मॉडल उत्तर देखें' पर टैप करके मिलान करें।
अभ्यास प्रश्न 1 (औपचारिक): अपने क्षेत्र में निरंतर हो रही अनियंत्रित विद्युत कटौती की समस्या हेतु विद्युत वितरण निगम के अधिशासी अभियंता (Executive Engineer) को पत्र लिखिए।
क्लिक करके मॉडल उत्तर व प्रारूप देखें
परीक्षा भवन, नई दिल्ली।
दिनांक: 15 अप्रैल 2026
सेवा में,
अधिशासी अभियंता,
दिल्ली विद्युत बोर्ड (बीएसईएस), नई दिल्ली।
विषय: न्यू अशोक नगर क्षेत्र में अनियमित विद्युत कटौती के संदर्भ में।
महोदय,
मैं इस पत्र के माध्यम से आपका ध्यान मयूर विहार फेस-1 क्षेत्र में पिछले एक माह से हो रही निरंतर और अघोषित विद्युत कटौती की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ।
इस प्रचंड ग्रीष्म ऋतु में प्रतिदिन 6 से 8 घंटे तक बिजली गुल रहती है। बिजली जाने का कोई निश्चित समय नहीं है। रात के समय बार-बार बिजली कटने से नवजात शिशुओं, वृद्धों और बीमार व्यक्तियों को भारी कष्ट झेलना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त इन दिनों छात्र-छात्राओं की बोर्ड परीक्षाएँ चल रही हैं; बिजली न होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। वोल्टेज के बार-बार घटने-बढ़ने से अनेक घरेलू विद्युत उपकरण भी खराब हो चुके हैं। स्थानीय बिजली उप-केंद्र पर फोन करने पर कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिलता।
अतः आपसे विनम्र प्रार्थना है कि क्षेत्र के पुराने ट्रांसफॉर्मर की जांच कराकर विद्युत आपूर्ति को नियमित एवं सुचारु रूप से संचालित करने की व्यवस्था करें।
सधन्यवाद।
भवदीय,
क.ख.ग.
(क्षेत्रीय निवासी संघ)
दिनांक: 15 अप्रैल 2026
सेवा में,
अधिशासी अभियंता,
दिल्ली विद्युत बोर्ड (बीएसईएस), नई दिल्ली।
विषय: न्यू अशोक नगर क्षेत्र में अनियमित विद्युत कटौती के संदर्भ में।
महोदय,
मैं इस पत्र के माध्यम से आपका ध्यान मयूर विहार फेस-1 क्षेत्र में पिछले एक माह से हो रही निरंतर और अघोषित विद्युत कटौती की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ।
इस प्रचंड ग्रीष्म ऋतु में प्रतिदिन 6 से 8 घंटे तक बिजली गुल रहती है। बिजली जाने का कोई निश्चित समय नहीं है। रात के समय बार-बार बिजली कटने से नवजात शिशुओं, वृद्धों और बीमार व्यक्तियों को भारी कष्ट झेलना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त इन दिनों छात्र-छात्राओं की बोर्ड परीक्षाएँ चल रही हैं; बिजली न होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। वोल्टेज के बार-बार घटने-बढ़ने से अनेक घरेलू विद्युत उपकरण भी खराब हो चुके हैं। स्थानीय बिजली उप-केंद्र पर फोन करने पर कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिलता।
अतः आपसे विनम्र प्रार्थना है कि क्षेत्र के पुराने ट्रांसफॉर्मर की जांच कराकर विद्युत आपूर्ति को नियमित एवं सुचारु रूप से संचालित करने की व्यवस्था करें।
सधन्यवाद।
भवदीय,
क.ख.ग.
(क्षेत्रीय निवासी संघ)
अभ्यास प्रश्न 2 (औपचारिक): अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य को विद्यालय परिसर में योग एवं आत्मरक्षा (Self-Defense) प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित करवाने हेतु प्रार्थना-पत्र लिखिए।
क्लिक करके मॉडल उत्तर व प्रारूप देखें
परीक्षा भवन, नई दिल्ली।
दिनांक: 02 मई 2026
सेवा में,
प्रधानाचार्य महोदय,
सर्वोदय कन्या विद्यालय, दिल्ली।
विषय: विद्यालय में योग एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यशाला के आयोजन हेतु।
महोदया,
सविनय निवेदन यह है कि मैं आपके विद्यालय की कक्षा दसवीं 'ब' की छात्रा तथा विद्यालय छात्र परिषद की प्रतिनिधि हूँ। मैं समस्त छात्राओं की ओर से यह प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत कर रही हूँ।
वर्तमान समय में छात्राओं के शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक एकाग्रता और व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति सजग होना अत्यंत आवश्यक हो गया है। निरंतर पढ़ाई के मानसिक तनाव को दूर करने के लिए जहाँ योग अचूक साधन है, वहीं कठिन परिस्थितियों में स्वयं की रक्षा करने के लिए आत्मरक्षा की तकनीकों (कराटे, जूडो आदि) का ज्ञान होना हम सभी बालिकाओं में आत्मविश्वास का संचार करेगा।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि आगामी शनिवार से विद्यालय में प्रातःकालीन सभा के उपरांत एक सप्ताह की 'योग एवं आत्मरक्षा कार्यशाला' का आयोजन करवाने की कृपा करें। इसके लिए किसी प्रमाणित प्रशिक्षक को आमंत्रित किया जा सकता है। हम सभी छात्राएँ आपकी अत्यंत आभारी रहेंगी।
सधन्यवाद।
आपकी आज्ञाकारिणी शिष्या,
क.ख.ग.
(विद्यार्थी प्रतिनिधि)
दिनांक: 02 मई 2026
सेवा में,
प्रधानाचार्य महोदय,
सर्वोदय कन्या विद्यालय, दिल्ली।
विषय: विद्यालय में योग एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यशाला के आयोजन हेतु।
महोदया,
सविनय निवेदन यह है कि मैं आपके विद्यालय की कक्षा दसवीं 'ब' की छात्रा तथा विद्यालय छात्र परिषद की प्रतिनिधि हूँ। मैं समस्त छात्राओं की ओर से यह प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत कर रही हूँ।
वर्तमान समय में छात्राओं के शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक एकाग्रता और व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति सजग होना अत्यंत आवश्यक हो गया है। निरंतर पढ़ाई के मानसिक तनाव को दूर करने के लिए जहाँ योग अचूक साधन है, वहीं कठिन परिस्थितियों में स्वयं की रक्षा करने के लिए आत्मरक्षा की तकनीकों (कराटे, जूडो आदि) का ज्ञान होना हम सभी बालिकाओं में आत्मविश्वास का संचार करेगा।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि आगामी शनिवार से विद्यालय में प्रातःकालीन सभा के उपरांत एक सप्ताह की 'योग एवं आत्मरक्षा कार्यशाला' का आयोजन करवाने की कृपा करें। इसके लिए किसी प्रमाणित प्रशिक्षक को आमंत्रित किया जा सकता है। हम सभी छात्राएँ आपकी अत्यंत आभारी रहेंगी।
सधन्यवाद।
आपकी आज्ञाकारिणी शिष्या,
क.ख.ग.
(विद्यार्थी प्रतिनिधि)
अभ्यास प्रश्न 3 (अनौपचारिक): अपने छोटे भाई को जंक फूड (Fast Food) के अत्यधिक सेवन से होने वाले नुकसान बताते हुए पौष्टिक आहार का महत्त्व समझाइए।
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कमरा नं. 14, हॉस्टल-बी,
दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली।
दिनांक: 18 जुलाई 2026
प्रिय अनुज अमन,
शुभाशीष एवं स्नेह!
माँ के पत्र से ज्ञात हुआ कि तुम्हारा स्वास्थ्य इन दिनों ठीक नहीं चल रहा और पेट दर्द की शिकायत बनी रहती है। माँ ने यह भी बताया कि तुम घर का सादा भोजन छोड़कर प्रतिदिन पिज्जा, बर्गर, चाउमीन और शीतल पेय (कोल्ड ड्रिंक्स) का अत्यधिक सेवन कर रहे हो। यह समाचार चिंताजनक है।
मेरे प्यारे भाई, यह स्वाद की लत तुम्हारे स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक सिद्ध हो सकती है। जंक फूड में अत्यधिक मात्रा में मैदा, खराब तेल और हानिकारक रसायन होते हैं, जिनमें पोषक तत्वों का पूर्ण अभाव होता है। इससे मोटापा, आलस्य, पाचन तंत्र की खराबी और एकाग्रता में कमी आ जाती है। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। यदि तुम अभी से हरी सब्जियाँ, दालें, फल, अंकुरित अनाज और दूध को अपने आहार का हिस्सा नहीं बनाओगे, तो तुम्हारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाएगी।
आशा है कि तुम मेरी इस सलाह को मानोगे और आज से ही फास्ट फूड त्यागकर माँ के हाथों से बने पौष्टिक भोजन को प्राथमिकता दोगे। स्वस्थ रहो और मन लगाकर पढ़ो।
तुम्हारा अग्रज,
क.ख.ग.
दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली।
दिनांक: 18 जुलाई 2026
प्रिय अनुज अमन,
शुभाशीष एवं स्नेह!
माँ के पत्र से ज्ञात हुआ कि तुम्हारा स्वास्थ्य इन दिनों ठीक नहीं चल रहा और पेट दर्द की शिकायत बनी रहती है। माँ ने यह भी बताया कि तुम घर का सादा भोजन छोड़कर प्रतिदिन पिज्जा, बर्गर, चाउमीन और शीतल पेय (कोल्ड ड्रिंक्स) का अत्यधिक सेवन कर रहे हो। यह समाचार चिंताजनक है।
मेरे प्यारे भाई, यह स्वाद की लत तुम्हारे स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक सिद्ध हो सकती है। जंक फूड में अत्यधिक मात्रा में मैदा, खराब तेल और हानिकारक रसायन होते हैं, जिनमें पोषक तत्वों का पूर्ण अभाव होता है। इससे मोटापा, आलस्य, पाचन तंत्र की खराबी और एकाग्रता में कमी आ जाती है। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। यदि तुम अभी से हरी सब्जियाँ, दालें, फल, अंकुरित अनाज और दूध को अपने आहार का हिस्सा नहीं बनाओगे, तो तुम्हारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाएगी।
आशा है कि तुम मेरी इस सलाह को मानोगे और आज से ही फास्ट फूड त्यागकर माँ के हाथों से बने पौष्टिक भोजन को प्राथमिकता दोगे। स्वस्थ रहो और मन लगाकर पढ़ो।
तुम्हारा अग्रज,
क.ख.ग.
अभ्यास प्रश्न 4 (अनौपचारिक): अपनी माताजी को पत्र लिखकर बताइए कि आपने अपने नए विद्यालय और छात्रावास (हॉस्टल) के परिवेश में स्वयं को कैसे ढाल लिया है।
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कमरा नं. 22, विवेकानंद छात्रावास,
ऋषिकेश (उत्तराखंड)।
दिनांक: 25 अगस्त 2026
पूजनीया माताजी,
सादर चरण स्पर्श!
मैं यहाँ छात्रावास में पूर्णतः सकुशल और स्वस्थ हूँ। मुझे पता है कि जब आप और पिताजी मुझे यहाँ छोड़कर गए थे, तो आप मेरी दिनचर्या और खान-पान को लेकर अत्यंत चिंतित थीं। इसलिए यह पत्र विशेष रूप से आपको आश्वस्त करने के लिए लिख रहा हूँ।
माँ, प्रारंभ के दो-तीन दिन घर की याद बहुत आई, किंतु अब मैंने यहाँ के शांत और अनुशासित वातावरण में स्वयं को पूरी तरह ढाल लिया है। मेरा रूममेट सुमित बहुत ही मृदुभाषी और परिश्रमी है, हम दोनों मिलकर पढ़ाई करते हैं। विद्यालय के सभी शिक्षक बहुत स्नेहपूर्वक पढ़ाते हैं। छात्रावास का भोजनालय भी अत्यंत स्वच्छ है और घर जैसा सुपाच्य भोजन मिलता है। मैंने प्रातः 5:30 बजे उठने, व्यायाम करने और नियमित अध्ययन की एक सुंदर समय-सारिणी बना ली है। आप मेरी बिल्कुल चिंता न करें।
पिताजी को मेरा सादर चरण स्पर्श कहिएगा और छोटे रोहन को बहुत सारा प्यार दीजिएगा। अपनी सेहत का ध्यान रखिएगा।
आपका प्रिय पुत्र,
क.ख.ग.
ऋषिकेश (उत्तराखंड)।
दिनांक: 25 अगस्त 2026
पूजनीया माताजी,
सादर चरण स्पर्श!
मैं यहाँ छात्रावास में पूर्णतः सकुशल और स्वस्थ हूँ। मुझे पता है कि जब आप और पिताजी मुझे यहाँ छोड़कर गए थे, तो आप मेरी दिनचर्या और खान-पान को लेकर अत्यंत चिंतित थीं। इसलिए यह पत्र विशेष रूप से आपको आश्वस्त करने के लिए लिख रहा हूँ।
माँ, प्रारंभ के दो-तीन दिन घर की याद बहुत आई, किंतु अब मैंने यहाँ के शांत और अनुशासित वातावरण में स्वयं को पूरी तरह ढाल लिया है। मेरा रूममेट सुमित बहुत ही मृदुभाषी और परिश्रमी है, हम दोनों मिलकर पढ़ाई करते हैं। विद्यालय के सभी शिक्षक बहुत स्नेहपूर्वक पढ़ाते हैं। छात्रावास का भोजनालय भी अत्यंत स्वच्छ है और घर जैसा सुपाच्य भोजन मिलता है। मैंने प्रातः 5:30 बजे उठने, व्यायाम करने और नियमित अध्ययन की एक सुंदर समय-सारिणी बना ली है। आप मेरी बिल्कुल चिंता न करें।
पिताजी को मेरा सादर चरण स्पर्श कहिएगा और छोटे रोहन को बहुत सारा प्यार दीजिएगा। अपनी सेहत का ध्यान रखिएगा।
आपका प्रिय पुत्र,
क.ख.ग.
अभ्यास प्रश्न 5 (औपचारिक): सड़क परिवहन निगम के मुख्य प्रबंधक को पत्र लिखकर अपनी कॉलोनी के मुख्य मार्ग पर नई बस सेवा शुरू करने का अनुरोध कीजिए।
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सूर्य विहार, कॉलोनी मार्ग,
रोहिणी, दिल्ली।
दिनांक: 10 नवंबर 2026
सेवा में,
महाप्रबंधक महोदय,
दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी),
आई.पी. एस्टेट, नई दिल्ली।
विषय: सूर्य विहार से केंद्रीय टर्मिनल तक नवीन बस सेवा प्रारंभ करने हेतु।
महोदय,
मैं सूर्य विहार आवासीय कल्याण समिति (RWA) की ओर से आपका ध्यान हमारी कॉलोनी में सार्वजनिक परिवहन की गंभीर अनुपलब्धता की ओर आकृष्ट कराना चाहता हूँ।
सूर्य विहार एक नवविकसित विशाल आवासीय कॉलोनी है, जिसमें लगभग दस हज़ार नागरिक निवास करते हैं। यहाँ से निकटतम मेट्रो स्टेशन एवं बस स्टैंड लगभग 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। कोई सीधी सरकारी बस सेवा उपलब्ध न होने के कारण दैनिक यात्रियों, विशेषकर कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, कॉलेज के विद्यार्थियों और वरिष्ठ नागरिकों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऑटो और ई-रिक्शा चालक मनमाना किराया वसूलते हैं, जिससे नागरिकों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
अतः आपसे सविनय अनुरोध है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए सूर्य विहार मुख्य मार्ग से केंद्रीय टर्मिनल अथवा निकटतम मेट्रो स्टेशन तक प्रातः एवं सायं के व्यस्त समय में डीटीसी की नियमित बस सेवा प्रारंभ कराने की कृपा करें।
सधन्यवाद।
भवदीय,
क.ख.ग.
(अध्यक्ष, सूर्य विहार कल्याण समिति)
रोहिणी, दिल्ली।
दिनांक: 10 नवंबर 2026
सेवा में,
महाप्रबंधक महोदय,
दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी),
आई.पी. एस्टेट, नई दिल्ली।
विषय: सूर्य विहार से केंद्रीय टर्मिनल तक नवीन बस सेवा प्रारंभ करने हेतु।
महोदय,
मैं सूर्य विहार आवासीय कल्याण समिति (RWA) की ओर से आपका ध्यान हमारी कॉलोनी में सार्वजनिक परिवहन की गंभीर अनुपलब्धता की ओर आकृष्ट कराना चाहता हूँ।
सूर्य विहार एक नवविकसित विशाल आवासीय कॉलोनी है, जिसमें लगभग दस हज़ार नागरिक निवास करते हैं। यहाँ से निकटतम मेट्रो स्टेशन एवं बस स्टैंड लगभग 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। कोई सीधी सरकारी बस सेवा उपलब्ध न होने के कारण दैनिक यात्रियों, विशेषकर कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, कॉलेज के विद्यार्थियों और वरिष्ठ नागरिकों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऑटो और ई-रिक्शा चालक मनमाना किराया वसूलते हैं, जिससे नागरिकों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
अतः आपसे सविनय अनुरोध है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए सूर्य विहार मुख्य मार्ग से केंद्रीय टर्मिनल अथवा निकटतम मेट्रो स्टेशन तक प्रातः एवं सायं के व्यस्त समय में डीटीसी की नियमित बस सेवा प्रारंभ कराने की कृपा करें।
सधन्यवाद।
भवदीय,
क.ख.ग.
(अध्यक्ष, सूर्य विहार कल्याण समिति)
💡 बोर्ड परीक्षा में पूरे 5 अंक प्राप्त करने के स्वर्णिम सूत्र:
- परीक्षा में अपना वास्तविक नाम या अनुक्रमांक न लिखें; केवल 'क.ख.ग.' अथवा प्रश्न-पत्र में दिया गया नाम ही लिखें।
- औपचारिक पत्र में 'विषय' 6 से 8 शब्दों में संक्षिप्त और सटीक होना चाहिए।
- पैराग्राफ बदलते समय एक पंक्ति (Line) का रिक्त स्थान अवश्य छोड़ें, जिससे प्रस्तुति स्वच्छ व आकर्षक दिखे।
- संबोधन और समापन में व्याकरण सम्मत लिंग भेद (जैसे भवदीय / भवदीया, शिष्य / शिष्या) का विशेष ध्यान रखें।

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